*दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन के बंगले पर हमले की धमकी;मुंबई महापौर रितु तावडे को भी ई-मेल,सुरक्षा एजेंसियां सतर्क*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन के बंगले पर हमले की धमकी;मुंबई महापौर रितु तावडे को भी ई-मेल,सुरक्षा एजेंसियां सतर्क*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*Press Wire Filmi| Threat |23 Oct*
मुंबई | पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के 27 नवंबर को मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में प्रस्तावित लाइव कॉन्सर्ट और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ पर हमले की धमकी सामने आई है। इसी मामले में मुंबई महापौर रितु तावडे को भी धमकी भरा ई-मेल भेजे जाने की जानकारी है। धमकी मिलने के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार ई-मेल में अमिताभ बच्चन के बंगले पर ग्रेनेड से हमला करने की बात कही गई है। साथ ही दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। ई-मेल में 27 से 30 अक्टूबर के बीच निशाना बनाने का जिक्र किया गया है। इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा ने कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी ली है हालांकि ई-मेल में किए गए इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, धमकी भरे ई-मेल में मुंबई महापौर रितु तावडे से जुड़े कार्यालय के साथ-साथ दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम स्थल और अमिताभ बच्चन के बंगले का भी जिक्र किया गया है। धमकी में कॉन्सर्ट के दौरान आत्मघाती हमले की बात कही गई है। जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ई-मेल के स्रोत,भेजने वाले की पहचान और धमकी की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि दिलजीत दोसांझ का 27 नवंबर को मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में लाइव कॉन्सर्ट प्रस्तावित है। वहीं ई-मेल में अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले'‘जलसा'’को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। यह मामला बहुत गंभीर है लेकिन इस पर प्रतिक्रिया संयम और जिम्मेदारी के साथ होनी चाहिए। धमकी की निंदा होनी चाहिए। किसी भी कलाकार,सार्वजनिक व्यक्ति या आम नागरिक को डराने-धमकाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है। दिलजीत दोसांझ,अमिताभ बच्चन और महापौर रितु तावडे को मिली धमकी की कड़ी निंदा होनी चाहिए। जांच को प्राथमिकता के मद्देनजर ई-मेल में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा के नाम का दावा किया गया है लेकिन अभी इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है इसलिए जरूरी है कि पुलिस ई-मेल के स्रोत, IP,भेजने वाले की पहचान और इसकी सत्यता की तकनीकी जांच करे। बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो। कॉन्सर्ट स्थल,बंगला ‘जलसा’,महापौर कार्यालय और अन्य संभावित स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों को समन्वित तरीके से सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। भीड़ वाले कार्यक्रमों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाया जाना चाहिए। डर का माहौल न बने: अगर यह धमकी अफवाह या शरारत है तो भी इसका मनोवैज्ञानिक असर होता है। मीडिया और सोशल मीडिया को चाहिए कि बिना पुष्टि वाली बातों को तूल न दे और आतंकी संगठनों के दावों को अनावश्यक प्रचार न मिले। कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मद्देनजर कलाकारों को डर के साये में कार्यक्रम रद्द करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है। दिलजीत के कार्यक्रम को लेकर पहले दिल्ली में अनुमति न मिलने की घटना को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन जरूरी है। दोषियों पर कार्रवाई अहम है।जो भी इस धमकी के पीछे है। चाहे व्यक्तिगत शरारत हो या संगठित मंशा। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है लेकिन जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। सही बात यह होगी कि जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचें। सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग करें और किसी भी समुदाय या कलाकार को निशाना बनाकर माहौल खराब करने की कोशिशों को हवा न दें।
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