*‘जागो एक बार’ का भव्य लोकार्पण:कविताओं में राष्ट्रप्रेम,प्रकाश गर्ग की काव्य-कृति पर विद्वानों ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा;राजकुमार यादव ‘सरस’ ने किया सफल संचालन*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*‘जागो एक बार’ का भव्य लोकार्पण:कविताओं में राष्ट्रप्रेम,प्रकाश गर्ग की काव्य-कृति पर विद्वानों ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा;राजकुमार यादव ‘सरस’ ने किया सफल संचालन*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 

     


      *Press Wire | Book Launch | 26 Oct*


मुंबई | महानगर मुंबई के तिलक नगर,चेम्बूर स्थित वीर सेनेटोरियम हॉल में वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त व्याख्याता प्रकाश गर्ग द्वारा रचित काव्य-कृति ‘'जागो एक बार’'का भव्य रुप से लोकार्पण संपन्न हुआ। पुस्तक का लोकार्पण हिंदी साहित्य भारती,महाराष्ट्र के अध्यक्ष, भाजपा मुंबई के प्रवक्ता, पूर्वांचल महासभा के उपाध्यक्ष एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ. दयानंद तिवारी,हिंदुजा जूनियर कॉलेज के प्रो. डॉ. महेन्द्र मिश्र, मुंबई प्रांतीय राष्ट्रभाषा प्रचार सभा के मंत्री एवं संचालक ब्रजेश तिवारी तथा डिजिटल चैनल ‘श्रेष्ठ भारत’ के पॉडकास्ट इंटरव्यू एवं प्रोग्राम प्रेजेंटर तथा निपुण वक्ता शैलेन्द्र श्रीवास्तव के वरद हाथों हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ मुंबई के जाने माने कवि रवि यादव द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। लेखक प्रकाश गर्ग ने सभी अतिथियों का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर प्रकाश गर्ग ने अपनी पुस्तक से ‘स्वर्णिम इतिहास रचें’, ‘नमन करो’, ‘मेरा देश मेरी पहचान’,‘जीवन की आपा-धापी’,‘इस रावण को मारो’ आदि कविताओं का सस्वर पाठ किया,जिसने श्रोताओं का मन मोह लिया। उपस्थित विद्वानों ने उनकी प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। पूरे समारोह का संयोजन एवं सफल संचालन ठाणे मनपा महापौर पुरस्कृत आदर्श शिक्षक एवं साहित्यकार राजकुमार रामलखन यादव ‘सरस’ ने किया। पुस्तक पर चर्चा करते हुए डॉ.महेन्द्र मिश्र ने कहा कि गर्ग जी की कविताएँ ढोंगी बाबाओं से सतर्क रहने, राष्ट्रप्रेम जगाने तथा नवयुवकों को सन्मार्ग दिखाने के लिए लिखी गई हैं। उनकी कविताओं में जीवन-दर्शन झलकता है और उनकी हर रचना एक से बढ़कर एक है। शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि गर्ग जी की रचनाओं में राष्ट्रीयता का ओज और वाणी में क्रांति है। जब भी उनकी कलम उठती है। वह क्रांति करती है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. डॉ. दयानंद तिवारी ने कहा कि गर्ग जी पाठक को केवल भावुक नहीं करना चाहते बल्कि उसे सोचने, अपने आचरण में परखने और सकारात्मक पहल करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने पुस्तक को सार्थक, समाजोपयोगी एवं पथ-प्रदर्शक बताते हुए लेखक प्रकाश गर्ग तथा उनके उच्च शिक्षित परिवारजनों की प्रशंसा की और समारोह को सफल बताया। इस समारोह में मध्य रेलवे के टिकट निरीक्षक मोहम्मद शम्स, पत्रकार संतोष जैसवार,वरिष्ठ पत्रकार स्पर्श देसाई, शिक्षक व पत्रकार अनंत सोलकर,सेवानिवृत्त शिक्षक पारसनाथ यादव,केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक सुनील उपाध्याय सहित गर्ग परिवार के सदस्य, मित्रगण एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

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