*तिहाड़ से रिहा होते ही सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का समन, जंतर-मंतर मामले में पूछताछ तय*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*तिहाड़ से रिहा होते ही सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का समन, जंतर-मंतर मामले में पूछताछ तय*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*Press Wire| CJP | 23 Oct*
मुंबई| कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद तिहाड़ जेल से रिहा होने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर कथित अतिक्रमण और सरकारी आदेश के उल्लंघन से जुड़े दो मामलों में की गई है। समन का विवरण जाने तो क्राइम ब्रांच ने दास और रांका को गुरुवार 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित अपने कार्यालय में पेश होने के लिए कहा था। इसी मामले में सीजेपी के एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी समन भेजा गया है हालांकि रिपोर्टों के अनुसार दोनों नेताओं ने पेश होने के लिए अधिक समय मांगा है और वे गुरुवार को क्राइम ब्रांच के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। कानूनी पृष्ठभूमि और आरोप को लेकर देखें तो यह समन उस घटना से जुड़ा है। जब 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स फांदकर प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर को हाल ही में अधिसूचित विरोध स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। उन पर सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना,शांति भंग करने की आशंका, सरकारी आदेश का उल्लंघन और निजी परिसर से अवैध प्रवेश करने के आरोप हैं। इससे पहले एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत ने 21 अक्टूबर की शाम दोनों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत और जमानती बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था। रिहाई की शर्तों में उन्हें लिखित में यह वचन देना शामिल था कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी रूप से विरोध के लिए अधिसूचित नहीं किया जाता। तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे और किसी भी प्रदर्शन को संविधान के दायरे में रखेंगे। दिल्ली पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
जांच क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े दोनों मामलों को स्थानीय पुलिस स्टेशनों से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया था। ये मामले कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए थे। पुलिस के अनुसार, मामलों की संवेदनशीलता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया। आगे की सुनवाई देखें तो इस मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे निर्धारित है। अदालत ने जांच अधिकारी को जमानतदारों के सत्यापन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और दास,रांका तथा उनके जमानतदारों को उस दिन उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखें तो इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने रांका और दास की न्यायिक हिरासत की तत्काल समीक्षा की मांग करते हुए उनकी तुरंत रिहाई की अपील की थी। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनकी रिहाई की मांग की थी। सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच का समन यह स्पष्ट करता है कि जंतर-मंतर मामले में उनकी कानूनी परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। अब सभी की निगाहें 23 अक्टूबर की सुनवाई और क्राइम ब्रांच की जांच के अगले चरण पर टिकी हैं।
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