*ब्रेकिंग न्यूज़:24 घंटे के भीतर दुनिया के तीन देशों में भूकंप:भारत,पाकिस्तान और रूस में धरती हिली, जानमाल के नुकसान की खबर नहीं*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*ब्रेकिंग न्यूज़:24 घंटे के भीतर दुनिया के तीन देशों में भूकंप:भारत,पाकिस्तान और रूस में धरती हिली, जानमाल के नुकसान की खबर नहीं*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*Press wire | Earthquake |17Oct*
मुंबई| पिछले 24 घंटों में भूकंपीय गतिविधि में अचानक तेजी देखी गई है। भारत के हिमाचल प्रदेश से लेकर पाकिस्तान के बलूचिस्तान और रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र तक तीन बड़े भूकंपीय झटके दर्ज किए गए हैं। राहत की बात यह है कि किसी भी घटना में बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है और कहीं भी सुनामी का खतरा पैदा नहीं हुआ है। भारत के हिमाचल प्रदेश के शिमला में तड़के 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। शनिवार (17 अक्टूबर 2026) तड़के सुबह 4:36 बजे हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में 4.1 तीव्रता का मध्यम भूकंप आया साथ में भारत में 186 km पूर्व लुधियाना (पंजाब) में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था और इसका असर रामपुर क्षेत्र तक महसूस किया गया। झटके कुछ ही सेकंड तक रहे लेकिन अब तक किसी संरचनात्मक नुकसान या हताहत की कोई खबर नहीं है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में हाल के हफ्तों में बढ़ी भूकंपीय हलचल के बीच दर्ज की गई है। इसी प्रकार पाकिस्तान में बलूचिस्तान के खुजदार में 5.8 तीव्रता का शक्तिशाली झटका लगा। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी शनिवार सुबह 10:37 बजे (IST) बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार क्षेत्र में 5.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। NCS के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से केवल 15 किलोमीटर की उथली गहराई पर था। जिसके चलते झटके व्यापक रूप से महसूस किए गए। रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कारण लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए हालांकि नुकसान की कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है। बलूचिस्तान पहले से ही प्रमुख फॉल्ट लाइनों के पास स्थित होने के कारण अत्यधिक भूकंप-प्रवण क्षेत्र माना जाता है। दौरान रूस कामचटका प्रायद्वीप के पास 7.0 तीव्रता का जोरदार भूकंप, सुनामी की चेतावनी नहीं दी गई है। सबसे शक्तिशाली झटका रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप के पास दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय भूकंपीय एजेंसियों के अनुसार यहाँ 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया हालांकि अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्रों ने स्पष्ट किया कि इस भूकंप के बाद किसी भी तरह की सुनामी चेतावनी या खतरा नहीं है। इस बीच इसी घटना से जुड़ी एक अलग रिपोर्ट सामने आई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने बताया कि उसके सिस्टम ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को गलती से 9.9 तीव्रता की भूकंपीय चेतावनी जारी कर दी थी। बाद में स्पष्ट किया गया कि कामचटका के पास वास्तविक भूकंप 6.9 तीव्रता का था। जिसकी गहराई लगभग 160 किलोमीटर थी, और इससे जापान में केवल हल्का कंपन महसूस हुआ। यह घटना तकनीकी चेतावनी प्रणालियों की सीमाओं और सटीक भूकंपीय आंकड़ों के महत्व को भी रेखांकित करती है। एक नजर में तीनों घटना के मद्देनजर शिमला, भारत में 4.1 तीव्रता का भूकंप सुबह 4:36 बजे आया। जिसकी गहराई 10 किमी रही । इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ है और पंजाब के पूर्व लुधियाना (पंजाब) में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। ऐसी स्थिति दूसरे देशों में भी रही थी। पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान के खुजदार क्षेत्र में पाकिस्तान में 5.8 तीव्रता सुबह 10:37 बजे (IST) भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसकी गहराई 15 किमी।रही थी। दहशत के हिसाब से बड़े नुकसान की खबर नहीं और आखिर में कामचटका, रूस में 7.0 तीव्रता (प्रारंभिक) भूकंप आया। जिसकी गहराई अधिक रही । कोई सुनामी खतरा नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार ये सभी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय बेल्टों में आते हैं।भारत और पाकिस्तान की हिमालयी-ईरानी प्लेट सीमा पर और रूस का कामचटका क्षेत्र प्रशांत''रिंग ऑफ फायर''पर स्थित है। ऐसे में समय-समय पर आने वाले ये झटके प्राकृतिक हैं लेकिन सतर्कता और भूकंप-रोधी तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय बनी रहती है।
~By √•Press Wire MCP•Digital World•

Comments
Post a Comment