*शेयर बाजार में भूचाल: डे-हाई से 1,400 अंक टूटा सेंसेक्स, क्रूड और VIX ने बढ़ाई निवेशकों की मुश्किल*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*शेयर बाजार में भूचाल: डे-हाई से 1,400 अंक टूटा सेंसेक्स, क्रूड और VIX ने बढ़ाई निवेशकों की मुश्किल*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*Press wire| Stock Market| 21 Oct*
मुंबई |घरेलू शेयर बाजार में 21 अक्टूबर बुधवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा। शुरुआती तेजी के बाद बाजार में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। जिससे प्रमुख सूचकांक धराशायी हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,400 अंक टूट गया। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 23,100-23,175 के मजबूत रेजिस्टेंस स्तर को पार करने में विफल रहा। बाजार गिरावट के प्रमुख कारणों के मद्देनजर ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) अहम भूमिका रही। बाजार की शुरुआत काफी तेजी के साथ हुई थी लेकिन निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर अपने मुनाफे को बुक करना शुरू कर दिया। विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,100 का स्तर एक मजबूत अवरोध साबित हो रहा है और इसके पार निकलने में विफलता ने बिकवाली को बढ़ावा दिया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के हिसाब से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ता है और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव पड़ता है। मैक्रो इकोनॉमिक असर के मद्देनजर कच्चे तेल की ऊंची कीमतें घरेलू मुद्रास्फीति को बढ़ाती हैं और रुपये पर दबाव डालती हैं। जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली तेज हो सकती है। इंडिया VIX में तेजी के मद्देनजर बाजार में अस्थिरता का सूचक ''इंडिया VIX''में 7.5% की तेजी दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि निवेशकों को निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका है। जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। विश्लेषण के मद्देनजर देखें तो VIX में तेज उछाल आमतौर पर बाजार में डर के माहौल को दर्शाता है। जब VIX 20 के स्तर के करीब पहुंचता है तो यह संकेत देता है कि निवेशक सतर्क हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। बैंक निफ्टी में दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,100 अंकों की गिरावट देखी गई। यस बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा। क्षेत्रीय प्रभाव के मद्देनजर बैंकिंग सेक्टर बाजार का सबसे भारी सेक्टर है और इसकी गिरावट सीधे तौर पर सेंसेक्स और निफ्टी को नीचे खींचती है। बाजार का तकनीकी परिदृश्य के हिसाब से विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,175 का स्तर बहुत महत्वपूर्ण है। जो पिछले सत्र के उच्चतम स्तर के अनुरूप है। यदि बाजार इस स्तर को पार करने में सफल नहीं होता है तो यह 23,150–23,250 के प्रमुख प्रतिरोध क्षेत्र में फंस सकता है। नीचे की ओर 22,800–22,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। रणनीति के मद्देनजर देखें तो तकनीकी विश्लेषकों का सुझाव है कि जब तक निफ्टी 23,050 के स्तर को पार करके उससे ऊपर टिकने में सफल नहीं होता। तब तक तेजी की स्थिति कमजोर बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए सटीक सलाह और जोखिम प्रबंधन जाने तो नए पोजीशन से बचें। जब तक बाजार 23,000–23,175 के रेजिस्टेंस जोन को पार करके स्थिर नहीं होता तब तक नए लॉन्ग पोजीशन बनाने से बचना चाहिए। स्टॉप-लॉस का पालन करें। मौजूदा निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में स्टॉप-लॉस लगाकर रखना चाहिए क्योंकि VIX में तेजी अचानक बड़ी गिरावट का संकेत हो सकती है। क्षेत्रीय चयन के हिसाब से तेल की ऊंची कीमतों के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) और पेंट जैसे सेक्टरों पर दबाव बना रह सकता है। जबकि आईटी और फार्मा जैसे सेक्टर अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकते हैं। नजर रखें कि अगले कुछ सत्रों में 22,800 के सपोर्ट स्तर और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर बारीकी से नजर रखें। यदि निफ्टी 22,800 से नीचे बंद होता है तो सुधार और गहरा सकता है। 21अक्टूबर बुधवार का कारोबारी सत्र यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी के बावजूद ऊपरी स्तरों पर दबाव बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें,वैश्विक तनाव और तकनीकी अवरोध बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह आवश्यक है कि वे बाजार के रुझान और वैश्विक संकेतों पर नजर रखें और अनुशासित निवेश रणनीति का पालन करें।
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