*अपडेट्स:टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा:सूरत से दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद,शूटर्स हैंडलर्स के संपर्क में थे*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*अपडेट्स:टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा:सूरत से दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद,शूटर्स हैंडलर्स के संपर्क में थे*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*Press Wire | Bollywood| 23 Oct*
मुंबई| अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुए फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने गुजरात के सूरत से दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी उस जांच के सिलसिले में हुई है जो DCB CID CR नंबर 143/26 के तहत दर्ज है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 109(1) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि पिछले रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास टाइगर श्रॉफ पर हमला किया गया था। आरोपियों ने अभिनेता की कार पर करीब सात राउंड गोलियां चलाई थीं। इनमें से पांच गोलियां उस बीएमडब्ल्यू कार में लगीं जिसमें अभिनेता सवार थे। इस घटना में अभिनेता का ड्राइवर और पास खड़ा एक व्यक्ति घायल हो गया था, जबकि दो गोलियां निशाने से चूक गई थीं। जांच में नया खुलासा देखें तो शूटर्स थे हैंडलर्स के संपर्क में। मुंबई पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर्स अपने हैंडलर के लगातार संपर्क में थे। सूत्रों के अनुसार फोन कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे थे। जैसे ही शूटर्स के चेहरे और पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने लगी। हैंडलर ने उन्हें वहां से तुरंत निकलने की चेतावनी दी। इस दौरान शूटर्स टीवी न्यूज के जरिए सामने आ रही जानकारी पर भी बारीकी से नजर रख रहे थे ताकि पुलिस की कार्रवाई का अंदाजा लगाया जा सके। विश्लेषण के मद्देनजर जांच की दिशा और सुरक्षा चिंता जाने तो सूरत से हथियारों की बरामदगी यह संकेत देती है कि हमले में इस्तेमाल हथियारों को घटना के बाद छिपाने की कोशिश की गई थी। यह जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है क्योंकि इससे हथियारों की सप्लाई चेन और साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। वहीं शूटर्स का अपने हैंडलर के संपर्क में रहना और मीडिया कवरेज पर नजर रखना यह दर्शाता है कि यह एक सुनियोजित और संगठित अपराध था। पुलिस अब हैंडलर की पहचान और उसके नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है। इस घटना ने सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच लगातार जांच के तार जोड़ रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने हथियार बरामदगी की पुष्टि करते हुए आगे की जांच जारी रखने की बात कही है।अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुए फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों के अनुसार गुजरात के सूरत से दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी डीसीबी सीआईडी सीआर नंबर 143/26 की जांच के दौरान हुई। जो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सूरत में यह कार्रवाई 23 अक्टूबर 2026 को एक ठिकाने पर की गई। जांच टीम हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स ट्रेल की पड़ताल करते हुए सूरत तक पहुंची। बरामद हथियार और कारतूस फॉरेंसिक व बैलिस्टिक जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि घटनास्थल से मिले खोखों से इनका मिलान किया जा सके। घटना की पृष्ठभूमि विस्तार से देखें तो पिछले रविवार मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास टाइगर श्रॉफ पर हमला किया गया था। आरोपियों ने करीब सात राउंड गोलियां चलाई थीं। इनमें से पांच गोलियां उस बीएमडब्ल्यू कार में लगीं। जिसमें अभिनेता सवार थे। घटना में अभिनेता का ड्राइवर और पास खड़ा एक व्यक्ति घायल हो गया। जबकि दो गोलियां निशाने से चूक गईं। मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर्स अपने हैंडलर के लगातार संपर्क में थे। फोन कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें अपडेट दिए जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार शूटर्स के चेहरे और पहचान की जानकारी सामने आने के बाद हैंडलर ने उन्हें तुरंत वहां से निकलने की चेतावनी दी। इस दौरान शूटर्स टीवी न्यूज पर आ रही जानकारी पर भी नजर रख रहे थे ताकि पुलिस की कार्रवाई का अंदाजा लगाया जा सके। साजिश की बड़ी कड़ियां देखें तो मुख्य फरार आरोपी के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने अनिल पांडित को मामले का मुख्य आरोपी माना है। उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह फिलहाल अमेरिका में छिपा हो सकता है और सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ले चुका है। उसके फंडिंग नेटवर्क के बारे में जाने तो क्राइम ब्रांच छह बैंक खातों की जांच कर रही है। जिन्हें शूटर्स तक पैसा पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया। मामले में तीन-स्तरीय फंडिंग नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसी एंटी- एक्सटॉर्शन सेल के साथ मिलकर पैसे के लेन-देन की पड़ताल कर रही है। मध्यस्थ और रेकी के मद्देनजर जाने तो हरियाणा से गिरफ्तार अंकित और समीर को फरार अनिल पांडित और शूटर्स के बीच मध्यस्थ बताया जा रहा है। जांच के मुताबिक अंकित घटना से 20-25 दिन पहले मुंबई पहुंचा था और उसने शूटर्स के लिए रेकी में मदद की। वारदात के बाद उसने शूटर्स को दूसरे राज्यों में भागने में मदद की। दौरान गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ा । अब तक राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से कुल 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्य तीन शूटर्स को 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पुणे-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन में पकड़ा गया था। हथियारों की सप्लाई के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के विशेष सेल ने 20 अक्टूबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब के अमृतसर से मुंबई तक एक पिस्तौल और 20 कारतूस पहुंचाने में मदद की। संचार के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल किया गया। वारदात के बाद शूटर्स द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल मुंबई के अंधेरी इलाके से बरामद की गई है। गुजरात के सूरत से हथियारों की बरामदगी और हैंडलर से लगातार संपर्क की जानकारी यह स्पष्ट करती है कि यह सिर्फ एक साधारण फायरिंग नहीं बल्कि एक सुनियोजित संगठित अपराध था। मामले में क्रॉस-बॉर्डर साजिश,कई राज्यों में फैला हथियार नेटवर्क,फंडिंग की कई परतें और पहले से की गई रेकी जैसे तत्व जुड़ते जा रहे हैं। जांच का मुख्य फोकस अब अनिल पांडित तक पहुंचने और उसके फंडिंग व हथियार सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर है। पुलिस जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जता रही है। दौरान हाल ही में मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में इंदौर और सूरत से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक बड़ी गिरफ्तारी की है। दौरान इंदौर से गिरफ्तार आरोपी। उसका नाम प्रांजल ठकराल हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शनिवार को इंदौर से प्रांजल ठकराल (22) को हिरासत में लिया है। उसकी पहचान जाने तो प्रांजल मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा का रहने वाला है। उसकी भूमिका के मद्देनजर पुलिस को संदेह है कि उसने हमले की साजिश में शामिल होने के अलावा हथियारों की सप्लाई और लॉजिस्टिक सहायता में भूमिका निभाई होगी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उसने कथित तौर पर एक शूटर को दूसरी पिस्तौल भी मुहैया कराई थी और उसका मास्टरमाइंड अनिल पंडित से सीधा संपर्क था। गिरफ्तारी का कारण जाने तो प्रांजल अपने भाई के इलाज के सिलसिले में करीब पांच दिन पहले इंदौर आया था। मुंबई क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि वह इंदौर में है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। सूरत के गुजरात से जुड़े आरोपी । गुजरात के सूरत से इस मामले में दो पिस्तौलें और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिनका इस्तेमाल हमले में हुआ था हालांकि सूरत से सीधे किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन हथियारों की सप्लाई में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जो घटना के बाद सूरत भागे थे। इन चार आरोपियों के नाम हैं। कुणाल (21) सोनीपत,हरियाणा। सुमित (19) सोनीपत,हरियाणा। राधा (23) सीतापुर, उत्तर प्रदेश और बबीता (23)आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। ध्यान दें कि मुख्य शूटरों फूल सिंह,रेहान और ऋतिक को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। ये तीनों सूरत होते हुए ट्रेन से फरार हो रहे थे। उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रहेगी। अगर किसी और पहलू पर जानकारी चाहिए तो बताइए।
~By √•Press Wire• Filmi Fox News• Digital World•

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